बंद करें

    हस्तकला या शिल्पकला

    कला और शिल्प में अपने हाथों से चीज़ें बनाने से जुड़ी कई तरह की गतिविधियाँ शामिल हैं। कला और शिल्प आम तौर पर एक शौक है। कुछ शिल्प (कला कौशल) प्रागैतिहासिक काल से प्रचलित हैं, अन्य हाल ही में आविष्कार किए गए हैं। कला और शिल्प शिक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, रचनात्मकता, आत्म-अभिव्यक्ति और संज्ञानात्मक विकास को बढ़ावा देते हैं। केंद्रीय विद्यालय संगठन सहित स्कूलों में, कला और शिल्प कार्यक्रम पाठ्यक्रम के आवश्यक घटक हैं।

    “अंकुरम कला प्रदर्शनी” एक अभूतपूर्व कार्यक्रम था जिसमें केंद्रीय विद्यालय बंगाणा के छात्रों की कलात्मक प्रतिभाओं को प्रदर्शित किया गया। प्रदर्शनी का उद्देश्य छात्रों को अपनी रचनात्मकता, कल्पना और कौशल को व्यक्त करने के लिए एक मंच प्रदान करना था। प्रदर्शनी का विषय सभी के लिए खुला था, जिससे छात्रों को अपनी कलात्मक अभिव्यक्ति की सीमाओं को आगे बढ़ाने का मौका मिला। प्रदर्शनी को आयु समूहों और माध्यमों के आधार पर श्रेणियों में विभाजित किया गया था। कलाकृतियों को एक सुव्यवस्थित और आकर्षक तरीके से प्रदर्शित किया गया था, जिससे आगंतुक आसानी से नेविगेट कर सकें और टुकड़ों की सराहना कर सकें। प्रदर्शनी में पेंटिंग और ड्रॉइंग से लेकर पोस्टर और पोर्ट्रेट तक की विविध कलाकृतियाँ प्रदर्शित की गईं।

    तिथि एवं स्थान: अंकुरम कला प्रदर्शनी 31 जुलाई 2024 को केन्द्रीय विद्यालय बंगाणा में आयोजित की गई।

    उद्देश्य: प्रदर्शनी का उद्देश्य छात्रों के बीच कला और संस्कृति को बढ़ावा देना, उन्हें अपनी कलात्मक प्रतिभा दिखाने के लिए एक मंच प्रदान करना है।