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196
छात्र -
201
छात्राएं -
22
कर्मचारीशैक्षिक: 22
गैर-शैक्षिक: 02
ताज़ा खबर
परिकल्पना
- के. वि. सं. उच्च गुणवत्ता वाले शैक्षिक प्रयासों के माध्यम से उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए अपने छात्रों को ज्ञान/मूल्य प्रदान करने और उनकी प्रतिभा, उत्साह और रचनात्मकता का पोषण करने में विश्वास रखता है।
उद्देश्य
- शिक्षा का एक सामान्य कार्यक्रम प्रदान करके रक्षा और अर्ध-सैन्य कर्मियों सहित स्थानांतरणीय केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करना है।
- स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने और गति निर्धारित करने के लिए।
- केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) और राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) आदि जैसे अन्य निकायों के सहयोग से शिक्षा में प्रयोग और नवाचारों को शुरू करना और बढ़ावा देना।
- राष्ट्रीय एकता की भावना का विकास करना और बच्चों में “भारतीयता” की भावना पैदा करना।

विद्यालय के बारे में
उत्पत्ति
केन्द्रीय विद्यालय बंगाणा ऊना जिले के स्वास्थ्यप्रद वातावरण में स्थानीय बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का अवसर प्रदान करने के लिए 1 अगस्त, 2010 को अस्तित्व में आया। अपनी कक्षाओं में विविधता में एकता वाला एक सह-शिक्षा विद्यालय केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से संबद्ध है। छात्र हर साल मार्च के महीने में कक्षा 10 और कक्षा 12 की परीक्षा देते हैं।
विद्यालय के दृष्टिकोण के बारे में
रक्षा और अर्धसैनिक बलों के कार्मिकों सहित स्थानांतरणीय केन्द्रीय सरकारी कर्मचारियों के बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं को शिक्षा का एक साझा कार्यक्रम प्रदान करके पूरा करना; स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करना और गति निर्धारित करना; केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड और राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद आदि जैसे अन्य निकायों के साथ सहयोग करके शिक्षा में प्रयोग और नवीनता को आरंभ करना और बढ़ावा देना।
विद्यालय के उद्देश्य के बारे में
रक्षा और अर्धसैनिक बलों के कार्मिकों सहित स्थानांतरणीय केन्द्रीय सरकारी कर्मचारियों के बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं को शिक्षा का एक साझा कार्यक्रम प्रदान करके पूरा करना स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करना और गति निर्धारित करना | केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड और राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद आदि जैसे अन्य निकायों के साथ सहयोग करके शिक्षा में प्रयोग और नवीनता को आरंभ करना और बढ़ावा देना।
संदेश
श्री विकास गुप्ता, भा. प्र. से., आयुक्त
शिक्षक दिवस 2026 के अवसर पर मैं देश के समस्त शिक्षक समुदाय को अपनी हार्दिक शुभकामनाएँ प्रेषित करता हूँ।
आज जब शिक्षा का क्षेत्र तीव्र गति से परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है, तब भी शिक्षण की मूल भावना और उसका सार शाश्वत है। देशभर के केन्द्रीय विद्यालयों में हमारे शिक्षक पूर्ण समर्पण, प्रतिबद्धता और अटूट उत्साह के साथ शिक्षा के उद्देश्य को आगे बढ़ा रहे हैं।
श्री चंद्रशेखर आज़ाद
उपायुक्त , गुरुग्राम संभाग
संदेश: तत्कर्म यन्न बंधाय सा विद्या या विमुक्तये। आयासायापरम कर्म विद्यान्या शिल्पनैपुणम।। – श्री विष्णुपुराण अर्थात जो बंधन उत्पन्न न करे वही कर्म है जो मुक्ति का मार्ग प्रशस्त करे वह विद्या है। शेष कर्म परिश्रमरूप है तथा अन्य विद्यायें तो मात्र कला कौशल ही है। भारतीय ऋषि-मुनियों व मनीषियों ने ज्ञान (विद्या) को मनुष्य की मुक्ति का साधन कहा है। मनुष्य को भय, भूख, दुर्विकार , दुष्प्रवृत्तियाँ, दुराचरण, निर्बलता, दीनता व हीनता, रोग, शोक इत्यादि से मुक्ति की अभिलाषा अनंतकाल से है। श्रीविष्णुपुराण का उपरोक्त महावाक्य यही संदेश देता है कि मनुष्य को ज्ञान के द्वारा अपने समस्त क्लेशों से मुक्ति पाने का पुरुषार्थ करना चाहिए । विद्या त्याग और तपस्या का सुफल होता है इसलिए ज्ञान की उपलब्धि सदैव श्रमसाध्य है। आइये, हम सभी अनुशासित होकर, समर्पण भाव से समस्त उपलब्ध साधनों का मर्यादापूर्वक उपभोग करते हुए ज्ञानार्जन का सद्प्रयास करें। अपनी दिनचर्या में उचित आहार , विहार और विचार का समावेश करते हुए व्यक्ति के रूप में प्रकृति प्रदत्त अनंत संभावनाओं को ज्ञान की पवित्र ऊर्जा के आलोक में पल्लवित व पुष्पित करें। हम सभी कृष्ण यजुर्वेद के तैत्रीय उपनिषद के इस सूत्र का प्रतिदिन अपने विद्यालयों में प्रात:कालीन प्रार्थना सभा में सस्वरपाठ करते हैं:- ॐ सह नाववतु सह नौ भुनक्तु, सह वीर्यम करवावहै। तेजस्वि नावधीतमस्तु मा विद्विषावहै, ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः।। आइये, इस सूत्र में छुपे महान संदेश को समझें और अपने जीवन में आत्मसात कर अपना नित्य कर्म करें । मैं, गुरुग्राम संभाग के समस्त प्राचार्यों, शिक्षकों, विद्यार्थियों, अधिकारियों व कार्मिकों को अपनी हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित करता हूँ और एक सफल व सुखद भविष्य की कामना करता हूँ |
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गिरीश चंद
प्राचार्य
"सफलता उन्हें मिलती है जो कड़ी मेहनत करते हैं और उनके साथ रहती है, जो अतीत की उपलब्धियों पर आराम नहीं करते।" हम आज एक ऐसी दुनिया में रहते हैं जो उस दुनिया से बहुत अलग है जिसमें हम बड़े हुए हैं, जिसमें हमने शिक्षा प्राप्त की है। दुनिया आज इतनी तेजी से बदल रही है और हमें शिक्षकों के रूप में इस पूरी प्रणाली पर रुककर विचार करने की जरूरत है। क्या हमारे स्कूल ,हमारे बच्चों को भविष्य में आने वाली चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करने में सक्षम हैं? इस तरह के प्रश्न ऐसे कारक हैं जो हमें निरंतर चिंतन की प्रक्रिया से गुजरने के लिए प्रेरित करते हैं और इसलिए हम केंद्रीय विद्यालय बंगाणा में एक संतुलित पाठ्यक्रम लागू करने पर काम करते हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि हमारे स्कूलों में आने वाले बच्चे ना सिर्फ उनके स्कूल के वर्षों को याद करेंगे ,लेकिन वास्तव में जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार रहें। यह मार्गरेट मीड ही थीं जिन्होंने कहा था, "बच्चों को सिखाया जाना चाहिए कि कैसे सोचना है, न कि क्या सोचना है" और इसे सक्षम करने के लिए, ज्ञान, कल्पना और नवाचार के हमारे आदर्श वाक्य को समग्र दृष्टिकोण के माध्यम से प्रोत्साहित किया जाता है। "कमजोरों को प्रेरित करना, औसत को संबोधित करना और प्रतिभाशाली को चुनौती देना" हमारे स्कूल की शिक्षण दृष्टि है। अरस्तू ने एक बार कहा था कि, "हृदय को शिक्षित किए बिना मस्तिष्क को शिक्षित करना बिल्कुल भी शिक्षा नहीं है।" भले ही हम प्रौद्योगिकी और वैश्वीकरण में प्रगति के अनुरूप शिक्षा प्रदान करते हैं, हम अपने बच्चों को केवीएस के नैतिक मूल्यों और सिद्धांतों के लोकाचार के साथ आगे बढ़ाते हैं। हम अपने बच्चों में ये गुण विकसित करने के लिए निरंतर प्रयास करते हैं। हमें उन्हें अगली पीढ़ी के संवेदनशील और जिम्मेदार नागरिक बनने में मदद करने पर गर्व है।
और पढ़ेंअद्यतनीकरण
- सत्र 2026-27 के लिए विशुद्ध रूप से अंशकालिक /अनुबंधित विशेष शिक्षक (प्राथमिक) /Special Educator(PRT) की नियुक्ति हेतु साक्षात्कार नई
- रिक्त सीटों के लिए 2026-27 के दौरान नए प्रवेश हेतु ऑफलाइन पंजीकरण नई
- प्रवेश सूचना(2026-27) कक्षा 11 केवल विज्ञान संकाय नई
- कक्षा 3, कक्षा 4 एवं कक्षा 5 के लिए प्रवेश सूचना , सत्र 2026-27 नई
- कक्षा-1 के लिए पांचवीं प्रोविजनल प्रवेश सूची (सत्र 2026-27) नई
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अवलोकन करें
शैक्षणिक योजनाकार
सत्र 2026-27 के लिए गतिविधियों का कैलेंडर
शैक्षिक परिणाम
सत्र 2026-27 के लिए परिणाम विश्लेषण
बाल वाटिका
केवीएस ने 2023-24 में बालवाटिका में प्रवेश शुरू कर दिया है।
निपुण लक्ष्य
समझ और अंकगणित के साथ पढ़ने में प्रवीणता
शैक्षणिक हानि कार्यक्रम का मुआवजा (सीएएलपी)
विद्यार्थियों के लिए उपचारात्मक कक्षाएँ
अध्ययन सामग्री
जीट चंडीगढ़ द्वारा विकसित अध्ययन सामग्री प्राप्त करने के लिए यहां क्लिक करें
कार्यशालाएँ एवं प्रशिक्षण
केवीएस के उपलब्ध कार्यशालाएं और प्रशिक्षण
विद्यार्थी परिषद
केवी बंगाणा की छात्र परिषद
अपने स्कूल को जानें
यूडाइस कोड/नाम/पिन कोड द्वारा अपने स्कूल को जानें
अटल टिंकरिंग लैब
इस योजना का उद्देश्य युवा मस्तिष्कों में जिज्ञासा, रचनात्मकता और
डिजिटल भाषा लैब
भाषा प्रयोगशाला सुनने और बोलने के कौशल को ध्यान में रखते हुए व्यापक और इंटरैक्टिव
आईसीटी - ई-क्लासरूम एवं प्रयोगशालाएँ
विद्यालय में 02 ई-कक्षाओं के साथ 02
पुस्तकालय
विद्यालय को पुस्तकालय में ई-ग्रंथालय 4.0 ने समृद्ध किया है |
प्रयोगशालाएँ - भौतिकी/रसायन विज्ञान/जीवविज्ञान
विद्यालय में विज्ञान की प्रयोगशालाएं हैं |
भवन एवं बाला पहल
बिल्डिंग एज लर्निंग एड, जिसे बाला के नाम से जाना जाता है, स्कूल के बुनियादी ढांचे को
खेल अवसंरचना (खेल के मैदान)
खेल और शारीरिक शिक्षा केवी बंगाणा में पाठ्यक्रम का एक अभिन्न अंग हैं।
एसओपी/एनडीएमए
भारत के प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाला राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) भारत
खेल
खेल उपलब्धि - एलपीयू जालंधर में केवीएस राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में कांस्य पदक।
एनसीसी/स्काउट एवं गाइड
स्काउट्स एंड गाइड्स एक स्वैच्छिक संगठन है जो केन्द्रीय विद्यालय संगठन का अभिन्न अंग
शिक्षा भ्रमण
एक नियोजित शैक्षिक यात्रा जो छात्रों को सीखने और अन्वेषण के लिए उनके सामान्य
ओलम्पियाड
विद्यालय के छात्र केवीएस द्वारा आयोजित विभिन्न ओलंपियाड में भाग लेते हैं।
प्रदर्शनी - एनसीएससी/विज्ञान/आदि
विद्यालय के छात्र केवीएस द्वारा आयोजित विभिन्न प्रदर्शनियों में भाग लेते हैं।
एक भारत श्रेष्ठ भारत
एक भारत श्रेष्ठ भारत भारत सरकार की एक पहल है
हस्तकला या शिल्पकला
कला और शिल्प में अपने हाथों से चीज़ें बनाने से जुड़ी कई तरह की गतिविधियाँ शामिल हैं।
मजेदार दिन
विद्यालय प्रत्येक शनिवार को फन-डे आयोजित करता है
युवा संसद
देश भर के केंद्रीय विद्यालयों के युवाओं को अपनी वाकपटुता प्रदान करने के लिए युवा
पीएम श्री स्कूल
पीएम श्री स्कूल भारत सरकार द्वारा केंद्र प्रायोजित योजना है।
कौशल शिक्षा
केवी बंगाणा में हस्तशिल्प कला प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया।
मार्गदर्शन एवं परामर्श
इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को उनकी क्षमताओं, रुचियों और मूल्यों में सामंजस्य
सामाजिक सहभागिता
केवी बंगाणा द्वारा आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में अभिभावकों और समुदाय की भागीदारी।
विद्यांजलि
विद्यांजलि एक स्कूल स्वयंसेवी कार्यक्रम है और यह सरकारी स्कूलों में समुदाय और निजी
प्रकाशन
विद्यालय प्रतिवर्ष स्कूल पत्रिका प्रकाशित करता है।
समाचार पत्र
प्राइमरी विंग द्वारा प्रकाशित समाचार पत्र
विद्यालय पत्रिका
स्कूल पत्रिका बच्चों में रचनात्मकता को बढ़ावा देने का एक उपकरण है।
देखें क्या हो रहा है ?
विद्यार्थियों के बारे में समाचार और कहानियाँ, तथा विद्यालय में नवाचार
विद्यालय में मानक क्लब (बीआईएस) गतिविधि कार्यक्रम
उपलब्धियाँ
शिक्षक
विद्यार्थी
नवप्रवर्तन
छात्र आईडी कार्ड पर बार कोड के माध्यम से पुस्तक जारी वापसी करना
ई-ग्रंथालय 4.0 के साथ छात्र के आईडी कार्ड पर मुद्रित बार कोड के माध्यम से पुस्तकों को जारी -वापसी करना
और पढ़ेंहमारे विद्यालय के मेधावी छात्र 2025-26
सीबीएसई बोर्ड परीक्षा कक्षा दसवीं और कक्षा बारहवीं
10वीं कक्षा
12वीं कक्षा
विद्यालय परिणाम
वर्ष 2025-26
उपस्थित 42 उत्तीर्ण 42
वर्ष 2024-25
उपस्थित 31 उत्तीर्ण 31
वर्ष 2023-24
उपस्थित 36 उत्तीर्ण 36
वर्ष 2022-23
उपस्थित 41 उत्तीर्ण 41
वर्ष 2025-26
उपस्थित 21 उत्तीर्ण 21
वर्ष 2024-25
उपस्थित 21 उत्तीर्ण 19
वर्ष 2023-24
उपस्थित 21 उत्तीर्ण 21
वर्ष 2022-23
उपस्थित 29 उत्तीर्ण 29